राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला) की बैठक में चर्चा कर लिए विभिन्न प्रस्ताव

सांचौर। राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला) की आपात आम बैठक उपशाखा अध्यक्ष मोहनलाल सारण की अध्यक्षता में एवं जिला मंत्री बुधाराम भादू की उपस्थिति में आयोजित की गई। इस दौरान बैठक में रेसला हितों पर चर्चा करते हुए विभिन्न प्रस्ताव लिए गए। जिसमें वर्तमान मीडिया खबरों के अनुसार उप प्रधानाचार्य पद सृजन किए जाने की राज्य सरकार की मंशा है जिसमें रेसला हितों को ध्यान में रखते हुए उप प्रधानाचार्य पद को पे मैट्रक्स लेवल एल-15 किया जावे। अन्यथा उप प्रधानाचार्य पद का रेसला पूरजोर विरोध करता है। सातवें वेतनमान अनुसार अनुसूची के अधीन व्याख्याता की वेतन कटौती की गई जिसमें 18750 के स्थान पर 16890 करते हुए जो कटौती की गई थी। उसें पून: बहाल किया जावे तथा उसी अनुसार सातवें वेतनमान पूनरीक्षित वेतन में परिभाषित किया जावे। राज्य सरकार वित्त विभाग के वर्तमान जारी आदेशानुसार कोविड-19 के अनुसार दो दिवस वेतन कटौती किए जाने का निर्णय लिया गया है जिसमें व्याख्याता वर्ग ने कोरोना संक्रमण रोकथाम में राज्य सरकार के आदेशानुसार पूर्ण सहयोग किया। कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवा भी दी गई अत: वेतन कटौती नहीं की जावे। कोरोना काल के दौरान माह मार्च 2020 का रोका गया वेतन तत्काल राज्य कर्मचारियों को भूगतान किया जावे। उपशाखा स्तर पर जिन-जिन की व्याख्याताअबों के लिए प्रकरण बकाया है उनका सीबीईओं स्तर एवं निदेशालय स्तर से प्रकरण तत्काल समाधान किए जाने का प्रस्ताव लिया गया। बैठक में लिए गए प्रस्तावों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा एवं राज्य सरकार से उचित निर्णय हेतु दबाव बनाया जायेगा। इस मौके पर इस अवसर पर उपशाखा के दीपाराम देवासी, रमेश सियाग, शैतानाराम विश्नोई, राजूराम सियाग, लालाराम चौधरी, कमलेश विश्नोई, राजूराम खिलेरी, सुरेश डी. सुथार, कांतिलाल, रमेश जोशी, मफाराम चौधरी, श्रवण सुथार, हंसराज पुरोहित आदि उपस्थित रहे।