सांसद देवजी पटेल ने गायों की स्वदेशी नस्लों के सरंक्षण और संवर्धन तथा गोकुल ग्रामों की संख्या में बढोतरी करने का मुद्दा उठाया

-गायों की स्वदेशी नस्लो का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाये : सांसद पटेल
मरूलहर न्यूज
सांचौर। जालोर-सिरोही लोकसभा सांसद देवजी पटेल ने शुक्रवार को 17 वीं लोकसभा के द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत गायों की स्वदेशी नस्लो के सरंक्षण और संवर्धन तथा गोकुल ग्रामों की संख्या में बढोतरी करने का मुद्दा रखा। सांसद देवजी पटेल ने मत्स्यपालन, पषुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान से प्रश्न करते हुए कहा कि विगत तीन वर्षो के दौरान देश में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत गायों की स्वदेशी नस्लों के सरंक्षण और संवर्धन के लिए राज्य-वार क्या कार्य किए गए है। उक्त मिशन के मुख्य उद्देश्य क्या है और विगत तीन वर्षो के दौरान इनको प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा क्या प्रयास किए गए है, विगत तीन वर्षो के दौरान इस मिशन के अन्तर्गत आवंटित एवं खर्च धनराशि का ब्यौरा क्या हैं तथा इस मिशन के अन्तर्गत राजस्थान हेतु स्वीकृत गोकुल ग्रामों की संख्या क्या है, सरकार की राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत गोकुल ग्रामों की संख्या में बढोतरी करने की योजना है यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है। सांसद पटेल के प्रश्न का जवाब देते हुए राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन को देशी बोवाईन नस्लों के विकास और संरक्षण बोवाईनों के दुध उत्पादन और उत्पादकता को बढाने और इस प्रकार किसानों के लिए दुध उत्पादन को और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कार्यान्वित किया जा रहा है इस मिषन के उद्देश्यो को प्राप्त करने के लिए किए गए कार्य इस प्रकार हैं। गोकुल ग्राम देशी बोवाईन नस्लों का वैज्ञानिक तथा समेकित रूप से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत 21 एकीकृत देसी गो पशु विकास केन्द्र गोकुल ग्राम स्थापित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केन्द्र, पशु संजीवनी के अंतर्गत 12 अंकीय विशिष्ट पहचान संख्या के साथ पॉली युरेथीन टैग का उपयोग करते हुए पशुओं की पहचान की जा रही और उनका आईएनएपीएच डाटाबेस पर अपलोड किया जा रहा हैं। नवम्बर 2019 तक 3.55 करोड़ पशुओं को टैग किया जा चुका हैं। राष्ट्रीय गोपाल रत्न और कामधेनु पुरस्कार, कृषि कल्याण अभियान, राष्ट्रव्यापी, आई कार्यक्रम, भु्रण अंतरण और इन-विट्रो निशेचन केन्द्रों को स्थापित करना व सुदृढ करना, देशी नस्लो के लिए राष्ट्रीय बोवाईन जीनोमिक केन्द्र इत्यादि। उन्होंने बताया कि पिछेले तीन वर्षो तथा वर्तमान वर्ष के दौरान राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत कुल 1362 करोड रूपये आवंटन किए गए एवं 1310.41 करोड़ रूपये व्यय किये गये। देेश में कुल 21 गोकुल ग्राम स्थापित करने के लिए निधिया संस्वीकृत की गई है। राजस्थान राज्य की सरकार से गोकुल ग्राम या भू्रण अंतरण प्रद्योयोगिकी व इन विट्रो निशेेचन प्रयोगशालाएं स्थापित करने संबंधी कोई प्रस्ताव प्राप्त नही हुआ हैं।