सांसद पटेल ने संसद के शीतकालीन सत्र में किसानों की मांग रखी, बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों के फसल को हुए नुकसान का सर्वे करवाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत क्लेम दिया जायें : सांसद पटेल

सांचौर। जालोर-सिरोही सांसद देवजी पटेल ने सोमवार से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में किसानों की मांग रखी। सांसद पटेल ने बताया कि हमारा देश कृषि प्रधान देश हैं, लेकिन आज क्षेत्र में किसान परेशान हैं। संसदीय क्षेत्र में अधिकांश क्षेत्र में 13-14 नवम्बर 2019 को बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों के खेतों में पक्की हुई फसल मुंग, मोठ, गवार, मूंगफली, अरण्डी, मीर्च बर्बाद हो गई। किसानों द्वारा वर्षा ऋतु में पक्की हुई कटिंग की गई फसल खेतों में सुखने के लिए रखी हुई थी, अचानक बैमोसम बारिश से खराब हो गई, जिससे किसानों के अरमान पर पानी फैर दिया। सांसद पटेल ने बताया कि इस प्रकार अचानक बैमोसम बारिश व ओलावृष्टि होने पर किसानों द्वारा जानकारी के अभाव में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत अधिकृत कंपनी के सूचना देना संभव नहीं हो सका। जिसके संबंध में स्थानीय प्रशासन (कलक्टर) एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाकर क्षेत्र में अधिकृत बीमा कंपनी से सर्वे करवाकर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत लाभान्वित करने की निर्देश की। प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों की मनमानी एवं क्षेत्र में अधिकृत बीमा कंपनी की मनमानी एवं लापरवाही के कारण उन्होंने 72 घंटे में कंपनी के टोल फ्री नंबर पर सूचना देने की बात की गई जबकि बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल रिसीव ही नहीं की जा रही हैं। जिससे किसनों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिलना संभव नहीं हैं।
बीमा कंपनी का ब्लॉक स्तर पर नहीं है कार्यालय
सांसद पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जिले में अधिकृत बीमा कंपनी का प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर कार्यालय होना चाहिए लेकिन प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से संसदीय क्षेत्र जालोर सिरोही में किसी भी ब्लॉक पर कार्यालय नहीं हैं, जिससे स्थानीय किसानों को समस्या रहती हैं।
केन्द्र सरकार स्तर से बीमा कंपनी को पाबंद किया जायें
सांसद पटेल ने संसद के माध्यम से पुरजोर मांग रखते हुए कहा कि केन्द्र सरकार स्तर से क्षेत्र में अधिकृत बीमा कंपनी को पाबंद कर संसदीय क्षेत्र में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों के फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत किसानों को लाभान्वित किया जायें।
बीमा कंपनी की लापरवाही से खरीफ 2018 का अटका बीमा
सांसद पटेल ने संसद के माध्यम से केन्द्र सरकार को अवगत करवाते हुए बताया कि बीमा कंपनी की लापरवाही के कारण संसदीय क्षेत्र में वर्ष 2018 के खरीफ सीजन लगभग 300 करोड़ रूपये का बीमा लंबित हैं, जिससे फसल खराबे का किसानों को समय पर लाभ नहीं मिल पाया।